जयपुर के 2026 पंचांग में गोवर्धन पूजा सोमवार, 9 नवंबर को दर्ज है और सायंकालीन मुहूर्त 15:28–17:39 बजे दिया गया है। यदि आपको किसी दूसरे शहर के कैलेंडर में मंगलवार, 10 नवंबर दिखे तो उसे तुरंत गलत न मानें। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत और विभिन्न परंपराओं के पूजा-नियमों के कारण शहरों तथा संप्रदायों में तारीख बदल सकती है।
2026 की प्रतिपदा तिथि
जयपुर के पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा 9 नवंबर 12:31 से 10 नवंबर 14:00 तक है। यह अवधि दो नागरिक तारीखों में फैली है। इसलिए गोवर्धन पूजा के लिए स्थानीय पंचांग देखना खास तौर पर जरूरी है। दावत, मंदिर-दर्शन या सामूहिक अन्नकूट में जाने से पहले आयोजक की घोषित तारीख की पुष्टि करें।
गोवर्धन और अन्नकूट की परंपरा
गोवर्धन पूजा कृष्ण से जुड़ी कथा और प्रकृति, अन्न तथा पशुओं के प्रति सम्मान की परंपरा से जुड़ी है। कई घरों और मंदिरों में अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। भोजन की मात्रा परिवार की जरूरत के अनुसार रखें और बचा हुआ भोजन सुरक्षित ढंग से बांटें या संग्रहित करें। मंदिर या गौशाला में दान करना चाहें तो संस्थान की वास्तविक जरूरत पूछकर करें।
घर पर सरल पालन
पूजास्थान साफ कर परिवार की परंपरा के अनुसार कृष्ण या गोवर्धन का स्मरण करें। उपलब्ध अन्न या घर का बना भोजन नैवेद्य के रूप में अर्पित करें। लंबा अनुष्ठान करना चाहें तो स्थानीय पुरोहित या मंदिर की रीति का पालन करें। खुले में दीया या धूप जलाने पर आग और पशुओं की सुरक्षा देखें।
2023 की पुरानी तारीख से भ्रमित न हों; पुराना लेख गोवर्धन पूजा 2023 अपने वर्ष के संदर्भ में है। 2026 के जयपुर समय का स्रोत स्थानीय गोवर्धन पंचांग है। पूरे सप्ताह के लिए दीपावली 2026 कैलेंडर देखें।
चित्र-कथा: गोवर्धन पूजा 2026: तारीख और समय