लक्ष्मी-गणेश पूजा से एक दिन पहले सामग्री को तीन हिस्सों में बांटें: घर में मौजूद चीजें, सचमुच खरीदनी पड़ने वाली चीजें और केवल आपकी पारिवारिक परंपरा में प्रयोग होने वाली चीजें। इससे आखिरी समय की खरीद और खर्च दोनों कम होते हैं। दिवाली 2026 की पूजा जयपुर में रविवार, 8 नवंबर की शाम होगी; पूजा का शहर-विशेष समय अलग से जांचें।
मूल सामग्री
- स्वच्छ चौकी या मेज और साफ कपड़ा।
- लक्ष्मी-गणेश का चित्र या प्रतिमा, यदि घर में पहले से हो।
- दीपक, रूई की बाती और घी या तेल; सुरक्षित दीपदान।
- स्वच्छ जल, फूल और फल या घर में उपलब्ध नैवेद्य।
- आरती की थाली और परिवार की प्रचलित आरती का पाठ।
रोली, अक्षत, हल्दी, धूप, मिठाई, नारियल और कलश कई घरों में जोड़े जाते हैं। ये सभी हर परिवार के लिए अनिवार्य नहीं। किसी चीज की कमी हो तो पूजा का क्रम घर के बुजुर्गों या परंपरा के अनुसार सरल रखा जा सकता है। विशेष मंत्र या कर्मकांड के लिए योग्य स्थानीय पुरोहित से पूछें।
खरीदारी से पहले पांच जांच
- दीपक रखने की जगह पर आग का जोखिम तो नहीं?
- बिजली की झालर, तार और प्लग ठीक हालत में हैं?
- खाने की सामग्री ताजा है और किसी को एलर्जी तो नहीं?
- फूल-पत्तियों या मूर्तियों के विसर्जन/निपटान का स्थानीय तरीका पता है?
- किसी महंगी वस्तु के लिए बजट पर दबाव तो नहीं?
पूजा वाले दिन का काम
पहले पूजास्थान की सफाई, फिर सामग्री की थाली तैयार करें। दीपक जलाने के बाद उसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें। पूजा पूरी होने तक लौ पर नजर रखें और रात में सोने से पहले दीये बुझा दें। रोशनी के लिए सुरक्षित LED विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
पूजा का क्रम चाहिए तो घर पर लक्ष्मी-गणेश पूजा विधि पढ़ें। जयपुर के 18:03–19:59 बजे के मुहूर्त का स्रोत स्थानीय पंचांग है; अन्य शहरों में समय अलग होगा।
चित्र-कथा: दिवाली पूजा सामग्री चेकलिस्ट