दीपावली 2026 रविवार, 8 नवंबर को है। दिवाली 2026 की तैयारी करते समय केवल एक तारीख देखना काफी नहीं होता: धनतेरस की त्रयोदशी, नरक चतुर्दशी, अमावस्या की लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन की प्रतिपदा और भाई दूज की द्वितीया अलग-अलग तिथियों से जुड़ी हैं। नीचे दिया कैलेंडर जयपुर, राजस्थान के पंचांग पर आधारित है। दूसरे शहर के पाठक अपने शहर का पंचांग अवश्य देखें।
दीपावली 2026: एक नजर में तारीखें
- शुक्रवार, 6 नवंबर: धनतेरस या धनत्रयोदशी; जयपुर में प्रदोषकाल की पूजा 18:11–20:07 बजे।
- शनिवार, 7 नवंबर: काली चौदस की परंपरा। नरक चतुर्दशी का प्रातःकालीन पालन अगले दिन भी हो सकता है।
- रविवार, 8 नवंबर: नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान और शाम को दीपावली की लक्ष्मी-गणेश पूजा; जयपुर का प्रदोषकालीन पूजा मुहूर्त 18:03–19:59 बजे।
- सोमवार, 9 नवंबर: जयपुर के पंचांग में गोवर्धन पूजा का सायंकालीन समय 15:28–17:39 बजे। कुछ शहरों या परंपराओं में यह 10 नवंबर को दर्ज है।
- बुधवार, 11 नवंबर: भाई दूज; जयपुर में अपराह्न तिलक का समय 13:16–15:27 बजे।
गोवर्धन पूजा की तारीख अलग क्यों दिख सकती है?
पंचांग में दिन सूर्योदय से गिना जाता है और पर्व का चयन संबंधित तिथि के साथ विशेष समय—जैसे प्रदोष या अपराह्न—को देखकर होता है। इस बार प्रतिपदा 9 नवंबर दोपहर से 10 नवंबर दोपहर तक है। इसी कारण शहर, संप्रदाय और पूजा-विधि के अनुसार गोवर्धन पूजा की तारीख में अंतर दिख सकता है। केवल सोशल मीडिया की सामान्य सूची देखकर यात्रा या आयोजन तय न करें।
तैयारी कैसे करें
धनतेरस से पहले घर के पूजास्थान और दीयों की व्यवस्था कर लें। पूजा सामग्री अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार चुनें; महंगी खरीद को शुभता की शर्त न बनाएं। 8 नवंबर को शाम की पूजा से पहले दीपक रखने की सुरक्षित जगह तय करें और बच्चों, पर्दों तथा बिजली के तारों से दूरी रखें। गोवर्धन और भाई दूज के लिए परिवार के समय तथा स्थानीय पंचांग को मिलाकर योजना बनाएं।
विस्तार से पढ़ें: धनतेरस पूजा विधि, घर पर लक्ष्मी-गणेश पूजा और भाई दूज तिलक समय।
स्रोत और सीमा
तिथियों व जयपुर समय के लिए धनतेरस, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के स्थानीय पृष्ठ देखे गए। यहां किसी व्यक्तिगत जन्मपत्री का फलादेश नहीं दिया गया है।
चित्र-कथा: दीपावली 2026: जयपुर तिथि कैलेंडर